- छत्तीसगढ़ में गौ माता बेबस लाचार सरकार और प्रशासन मौन कागजों मे ही सिमट कर कही गुमनाम रह गये गौ माता के हक की योजनाएं।

- दिनांक, 24/8/2026,
- जिला, रायपुर राजधानी के एनएच तथा विभिन्न मार्गों मे गौ माता का रात्रि में विश्राम अत्यधिक व्यस्त एनएच रोड में ही जमावड़ा लगा रहता है।
- जबकि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा पशुपालन विभाग के माध्यम से गौ माता पशुओं के लिए कई प्रकार के विभिन्न योजनाए। प्रदेश वह समस्त ग्राम पंचायत में चलाया जाता हैं। यह योजनाएं सिर्फ कागजों में ही कही गुमनाम सिमट कर रह गये है। जबकि 24 घंटे 7 दिन बड़े-बड़े गाड़ियों तथा पदों में बैठे मंत्री मिनिस्टर का प्रतिदिन हर मार्ग से काफिला गुजरता रहता है। साथ में अधिकारी कर्मचारी जैसे कलेक्टर नोडल अधिकारी अन्य भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। इस के बाद भी कोई गौ माता जी का सही व्यवस्था या शुद्ध लेने वाला कोई नहीं है।

- जब की प्रत्येक रोड में 24 घंटे 7 दिन रोड पर जहां अत्यधिक वाहनों तथा लोगों का आवागमन है। निरंतर कहीं ना कहीं पर वाहन और गौ माता के बीच एक्सीडेंट होने के कारण भीषण दुर्घटना में गौ माता का मृत्यु हो जाता है। तो वहीं पर अन्य वाहनों का भी क्षति होता है। जो अत्यधिक संख्या में है। गौ माता का सौ लावारिस स्थिति में लंबे समय तक रोड पर ही रह जाता है। इस वजह से आम जनमानस को आवागमन को लेकर के काफी मशक्कत करना पड़ता है।
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- जबकि इस धरती पर गौ माता से दूध की अपेक्षा तो सब को है। लेकिन गौ माता की सेवा करना किसी को नहीं गौ माता का दर्द किसी को आज तक समझ नहीं आया मां गौ माता जी भी यह अपने आप में सवाल करते होंगे। ईश्वर से की क्या मेरा भी कोई ख्याल करने वाला है कि नहीं इस धरती पर देखना यह होगा कि शासन प्रशासन वह कलेक्टर एसपी नोडल अधिकारी कब तक गौ माता के तथा आम जनमानस के लिए शुद्ध लेते हैं। कुंभकर्णी नींद कब तक खुलती है।
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