एमसीबी/26 मार्च 2026/ जिले में राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए “राजस्व पखवाड़ा” का विस्तृत ग्रामवार शेड्यूल जारी कर दिया है। इस अभियान के तहत तहसील मनेन्द्रगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों के 100 से अधिक गांवों में शिविर लगाए जाएंगे, जहां पटवारी और राजस्व अमला मौके पर ही समस्याओं का समाधान करेंगे।
यह विशेष अभियान तीन चरणों में 01 से 15 अप्रैल, 04 से 18 मई और 01 से 15 जून 2026 तक संचालित होगा। प्रत्येक ग्राम के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।
घोषित कार्यक्रम के अनुसार तहसील मनेंद्रगढ़ के ग्राम उजियारपुर, बरबसपुर, राधारमणनगर, सोनवर्षा, दरीटोला, नवापारा, महाराजपुर, लोहारी, सेमरा, हर्रा, अमृतधारा, नागपुर, सरभोका, मोरगा, सेंधा, चिरईपानी, बंजी, मुक्तियारपारा, सरोला, सलका, उदलकछार, नौगई, बेलबहरा, सिरौली, कोथारी, खैरबना, बरकेला, सिरियाखोह, चैनपुर, मेण्ड्राडोल, परसगढ़ी और चिउटीमार, पिपरिया, भलौर, हस्तिनापुर, डोमनापारा, लालपुर, साल्ही, कठौतिया, डंगौरा, बिछली, शंकरगढ़, चनवारीडांड, चौघड़ा, बौरीडांड, खोंगापानी, नई लेदरी, पुरानी लेदरी, मनेन्द्रगढ़, गिद्धडांड, झगराखाण्ड, तेंदूडांड, छिपछिपी, नारायणपुर, भौता, बंजी, बुदेली, पाराडोल सहित अनेक ग्रामों में अलग-अलग तिथियों पर शिविर आयोजित होंगे।
कलेक्टर के निर्देशन में तैयार इस शेड्यूल के तहत संबंधित पटवारियों- श्रीमती रंजीता लकड़ा, सुश्री मंजूलता, चंदा भगत, आशीष मिंज, नागेंद्र नारायण, मनीषा मिश्रा, पूजा सोनी, आशिष सिंह, दीपेंद्रपाल सिंह, नलिन तिवारी, रमेश कुमार, हीरालाल पुरी, ग्रिजेष कुमार, बाबू नारायण सिंह, सुश्री रूकमणी, सुश्री दुर्गा गुप्ता सहित अन्य राजस्व अधिकारियों को ग्रामवार जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी प्रकार तहसील भरतपुर के 108 ग्राम, केल्हारी तहसील के 74 ग्राम, कोटाडोल तहसील के 75 ग्राम, केल्हारी तहसील के 74 ग्राम, चिरमिरी तहसील के 16 ग्राम तथा खड़गवां तहसील के 44 ग्राम सहित कुल 376 ग्राम पंचायतों में राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जायेगा।
अभियान के दौरान नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, भू-अभिलेख सुधार, ऋण पुस्तिका, फौती नामांतरण जैसे प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों को राजस्व प्रक्रियाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को कार्यालयों के चक्कर से मुक्ति दिलाना और “समस्या का समाधान गांव में ही” सुनिश्चित करना है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने ग्राम में निर्धारित तिथि पर शिविर में पहुंचकर इस अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं।

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